वीजा मंदिर | Visa temple Hyderabad | Chilkur Balaji Temple

हैदराबाद का वीजा मंदिर जो मुख्य रूप से चिल्कुर बालाजी का मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। Visa temple Hyderabad लगभग 500 वर्ष पुराना मंदिर है। माना जाता है कि जिस व्यक्ति को भी विदेश जाने के लिए वीजा नही मिल रहा हो वह व्यक्ति यदि इस मंदिर मे हवाई जहाज चढावा के रूप में चढ़ाये तो मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। इस मंदिर के बारे में यह भी कहा जाता है कि जिस भी व्यक्ति को नौकरी नही मिल रही हो वह यदि इस मंदिर में भगवान बालाजी के दर्शन करें तो नौकरी अवश्य और निश्चित रूप से मिलती है।

वीजा मंदिर (चिल्कुर बाला जी का मंदिर) के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य | Facts about Visa Temple, Hyderabad

हैदराबाद का वीजा मंदिर (चिल्कुर बालाजी का मंदिर) बहुत ही पुराना मंदिर है। यह मंदिर हैदराबाद से लगभग 33 किमी की दूरी पर उसमान नदी के तट पर बना हुआ है।

  • यह मंदिर भगवान बालाजी और उनकी अर्धांगिनी श्री भू देवी को समर्पित है।
  • इस मंदिर की खासियत यह है कि यह मंदिर दान अथवा चढावे में रुपये पैसे को स्वीकार नहीं करता है।
  • इस मंदिर में सभी लोग एक बराबर होते है।यहां आर्थिक और जातीय आधार पर कोई भेदभाव नही होता है। इसलिए यहां भगवान के दर्शन के लिए अलग से महत्वपूर्ण व्यक्ति की कोई विशेष व्यवस्था नहीं की जाती है।
  • इस मंदिर पर न ही केंद्र सरकार का नियंत्रण है और न ही राज्य सरकार का।
  • माना जाता है कि इस मंदिर में स्थापित भगवान बालाजी जागृत अवस्था में विराजमान है।
  • इस मंदिर का निर्माण भगवान बालाजी के परम भक्त रामदास के दोनो चाचा अकन्ना और मदन्ना ने मिलकर कराया था।
  • इस मंदिर में भगवान बालाजी के दर्शन करते समय भक्त अथवा दर्शनार्थी के ऑखे खुले रहते है।
  • ऐसा माना जाता है कि जो पुण्य के भगवान तिरूपति बालाजी के दर्शन करने से मिलता है उतना ही पुण्य चिल्कुर बालाजी मंदिर में दर्शन करने से भी मिल जाता है।

वीजा मंदिर (चिल्कुर बालाजी का मंदिर) से जुड़ी कथा

वीजा मंदिर (चिल्कुर बालाजी का मंदिर) के बारे में एक दंत कथा प्रचलित है। कहा जाता है कि बहुत समय पहले एक बालाजी का परम भक्त था वह प्रतिवर्ष भगवान बालाजी (वेंकटेश्वर भगवान) का दर्शन करने के लिए तिरूपति बालाजी जाता था।परंतु एक बार उसका स्वास्थ्य खराब हो गया और वह तिरूपति बालाजी के मंदिर भगवान बालाजी (वेंकटेश्वर भगवान) का दर्शन करने नही जा सका।इस बात से भक्त बहुत ही दुखी था। तब भगवान बालाजी को भक्त का यह दुःख देखा नही गया और उन्होने एक रात भक्त के स्वप्न में आकर दर्शन दिये और कहा तुम परेशान और दुःखी मत हो मैं तुम्हारे पास ही निकट के जंगल में विराजमान हूं।

यह स्वप्न देखने के तुरंत बाद ही भक्त की नींद खुल गई और वह दौड़ते दौड़ते भगवान बालाजी के द्वारा बताये हुए जंगल के जगह पर पहुँच गया।वहां उसने एक गढ्ढा दिखाई दिया उसने बिना समय गवाएं गढ्ढा खोदना शुरू कर दिया। गढ्ढा खोदते खोदते उसे भगवान बालाजी की मूर्ति मिलती है लेकिन भगवान बालाजी के इस मूर्ति से खून निकलता रहता है जिससे भक्त डर जाता है तब आकाशवाणी होती है और भगवान बालाजी अपने प्रिय भक्त को समझाते है और बोलते है डरो मत इस मूर्ति पर  दूध चढाओ जैसे ही तुम दूध चढाओगे खून निकलना बंद हो जाएगा।इसके बाद भक्त ने भगवान बालाजी के अनुसार कार्य किया और भगवान बालाजी के साथ-साथ माता भू देवी की मूर्ति मंदिर बनाकर स्थापित करी।

वीजा मंदिर (चिल्कुर बालाजी का मंदिर) की स्थापत्य कला

Visa Temple Hyderabad द्रविड़ शैली में बनायी गई है। मंदिर में घुसते ही पहले प्राकार जिसे चहारदीवारी कहते है आता है उसके बाद गोपुरम (प्रवेश द्वार) आता है। इस मंदिर का गर्भगृह वर्गाकार है।

Visa Temple (Chilkur Balaji) घूमने का समय

हैदराबाद में गर्मी बहुत तेज पड़ती है इसलिए नवंबर से जनवरी महीने का समय इस मंदिर के दर्शन के लिए सही है।

वीजा मंदिर (चिल्कुर बालाजी का मंदिर) कैसे जाए

निज़ामों का शहर हैदराबाद अपनी समृद्ध और अनूठी परंपरा, गुण और संस्कृति के लिए जाना जाता है। हैदराबाद भारत का मुख्य पर्यटन स्थल होने के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का मुख्य केंद्र भी है। इसलिए यहां किसी भी परिवहन के संसाधन के द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है। हैदराबाद वायुमार्ग, सड़क मार्ग और रेलवे मार्ग द्वारा भारत के अन्य शहर से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

वायुमार्ग से हैदराबाद, वीजा मंदिर (चिल्कुर बालाजी का मंदिर) कैसे जाए- 
हैदराबाद का हवाई अड्डा (राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय टर्मिनल)अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है।यह भारत के प्रमुख हवाई अड्डे के साथ-साथ विश्व के के प्रमुख शहरों के हवाई अड्डे से भी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यहाँ से वीजा मंदिर (चिल्कुर बालाजी का मंदिर) की दूरी लगभग 27.8किमी की है। हवाई अड्डे से मंदिर जाने के लिए आसानी से कैब व टैक्सी मिल जाते है।

रेलवे मार्ग द्वारा हैदराबाद, वीजा मंदिर (चिल्कुर बालाजी का मंदिर) कैसे जाए–  
हैदराबाद रेलवे-स्टेशन भारत के अन्य रेलवे-स्टेशन से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।यहाँ से वीजा मंदिर (चिल्कुर बालाजी का मंदिर) की दूरी लगभग 26.2 किमी है।रेलवे-स्टेशन से मंदिर जाने के लिए आसानी से कैब,बस व टैक्सी मिल जाते है।

सड़क मार्ग द्वारा हैदराबाद, वीजा मंदिर (चिल्कुर बालाजी का मंदिर) कैसे जाए-  
हैदराबाद का बस टर्मिनल आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (APSRTC) भारत के अन्य शहरो से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।साथ ही साथ यहां आसानी से अपने निजी वाहन, कैब और टैक्सी से भी आ सकते है।

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