वाहन कबाड़ नीति (Vehicle scrap policy)

वाहन  कबाड़ नीति(Vehicle scrap policy) क्या है?

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने Vehicle Scrap Policy का उद्घाटन किया। इस नीति के अंतर्गत 15 और 20 साल पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप (कबाड़) कर दिया जाएगा। कमर्शियल गाड़ी जहां 15 साल बाद कबाड़ घोषित होगी, वहीं निजी गाड़ी के लिए यह समय 20 साल की होगी। और यदि लोग 20 साल से अधिक पुराने प्राइवेट व्हीकल को ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्ट पास करने में फेल हो जाते हैं या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रिन्यू नहीं कराते हैं तो फिटनेस में फेल होने पर गाड़ी स्क्रैप की जाएगी।

वाहन  कबाड़ नीति(Vehicle scrap policy)  की विशेषताऐ

  1. सरकार ने कार बेचने वाली कंपनियों को सलाह दी है कि वे स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट दिखाने पर नई गाड़ी पर 5 फीसदी छूट दें।
  2. गाड़ी स्क्रैप करने पर कीमत का 4 से 6 फीसदी मालिक को दे दिया जाएगा।
  3. इस पॉलिसी के तहत नई गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के वक्त रजिस्ट्रेशन फीस माफ कर दी जाएगी।
  4. स्क्रैप पॉलिसी के तहत नई गाड़ी लेने पर रोड टैक्स में 3 साल के लिए 25 फीसदी तक छूट और राज्य सरकार प्राइवेट गाड़ियों पर 25 परसेंट और कमर्शल गाड़ियों पर 15 परसेंट तक छूट देगी।
  5. जब लोग पुरानी गाड़ियां स्क्रैप करेंगे और नई गाड़ियां खरीदेंगे तो इससे सरकार को सालाना करीब 40 हजार करोड़ का जीएसटी आएगा। इससे सरकार के रेवेन्यू में भी बढ़ोतरी होगी।
  6. वाहन प्रदूषण मे कमी होगी।
  7. इस नीति के कारण दुर्घटनाऐ कम होगी और अगर हुई भी तो जान माल की कम क्षति होगी क्योकि नए वाहनों में सुरक्षा मानकों का अधिक पालन होता है।
  8. युवाओ को नए रोजगार के अवसर मिलेगे।

व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी के दायरे मे कौन कौन सी गाड़ियाँ आएगी?

व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी के तहत विंटेज कारो को शामिल नही किया जाएगा।इस पॉलिसी के तहत 20 साल से ज्यादा पुराने लगभग 51 लाख हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) और 15 साल से अधिक पुराने 34 लाख अन्य एलएमवी आएंगे। इसके दायरे मे 15 लाख मीडियम और हैवी मोटर वाहन भी आएंगे जो 15 साल से ज्यादा पुराने हैं।

ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्ट सेंटर क्या है?

ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्ट सेंटर पीपीपी मॉडल के आधार पर तैयार किया गया टेस्ट है।जो ऑटोमैटिक टेस्ट है और यह प्रमाणित करेगा कि कोई वाहन सड़क पर चलने के लिए फिट है या नहीं। और जो वाहन इस टेस्ट को पास नही करेगा उसे भारी जुर्माना देना होगा या फिर वह अपना वाहन सड़क पर नही चलाएगा।

एक आंकड़े के अनुसार, पुरानी कार चलाने पर एक व्यक्ति को हर साल लगभग 30 से 40 हजार तो एक ट्रक मालिक को सालाना लगभग दो से तीन लाख रुपये का नुकसान हो जाता है। स्क्रैपिंग पॉलिसी के तहत यह आर्थिक नुकसान कम होगा।

इस पॉलिसी का आरंभ 1 अक्टूबर 2021 से होगा। इस नीति से अर्थव्यवस्था में सुधार में मदद मिलेगी और ऑटो इंडस्ट्री को भी फायदा होगा।और साथ ही वाहनो का प्रदूषण कम करने मे भी सहायक होगा।

व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी के तहत विंटेज कारो को शामिल नही किया जाएगा। इस पॉलिसी के तहत 20 साल से ज्यादा पुराने लगभग 51 लाख हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) और 15 साल से अधिक पुराने 34 लाख अन्य एलएमवी आएंगे। इसके दायरे मे 15 लाख मीडियम और हैवी मोटर वाहन भी आएंगे जो 15 साल से ज्यादा पुराने हैं।

Other Articles: Tehsildar | तहसीलदार कैसे बने ? exam, syllabus and much more

Leave a Comment