टाइल्स का बिजनेस कैसे स्टार्ट करें | How to start tiles business ?

Tiles Business Ways, Ideas, Type and much more

आज के परिवेश में लोग अपने जीवन स्तर को न केवल खाने पीने, नई जगह घूमने, और नए कपड़े से नापते है बल्कि यह भी देखते है कि किसका घर कितना सुंदर है। पहले के समय में लोगो के घरो के फर्श पर सीमेंट का प्लास्टर किया जाता था। लेकिन जैसे जैसे लोगो का जीवन स्तर बढ़ा है लोगो के रहने के शैली में भी परिवर्तन हुआ है। आज के समय के लोग न केवल स्वंय पर वरन घर के साथ सज्जा पर भी विशेष ध्यान देते है। घर में टाइल्स लगाने से घर सुंदर व खुबसूरत दिखाई देता है। यही नही घर के जिस भाग पर पानी जमा होने की संभावना होती है वहां टाइल्स लगाकर घर के उस भाग को सुरक्षित किया जा सकता है। इसके अलावा टाइल्स को साफ रखना और करना दोनो ही अपेक्षाकृत सीमेंट के प्लास्टर से आसान पड़ता है। इसलिए आज के समय में लोग सीमेंट के प्लास्टर के बजाय टाइल्स लगाना ज्यादा पसंद करते है।

टाइल्स बिजनेस के कितने प्रकार है | Types of tiles business

भारत देश में, टाइल्स का बिजनेस तीन तरह के मॉडलों पर आधारित  होता है।

  1. सेम्पल पर आधारित बिजनेस
    यह बिजनेस दुकान या शोरूम के माध्यम से किया जाता है। सेम्पल-आधारित टाइल्स के बिजनेस में ग्राहकों को उनके मनपसंद टाइल्स के सेम्पल दिखाने होते है ।इसके लिए नई नई डिजाइन के और विभिन्न प्रकार के मैटेरियल के टाइल्स रखने की आवश्यकता होती है इसलिए दुकान अथवा शोरूम की जरूरत पड़ती है। टाइल्स के सेम्पल को टाइल्स के थोक व्यापारियो से मुफ्त में मांग कर सेम्पल एकत्र कर लेते हैं और उन सभी सेम्पल को ग्राहक के सामने अपनी दुकान में दिखाते हैं। यदि ग्राहक को टाइल्स पसंद आ जाता है अथवा ग्राहक से ऑर्डर मिल जाता है। तो  उस सेम्पल को थोक व्यापारी को भेज देते है जहां से सेम्पल लिया था। थोक व्यापारी दिए गए सेम्पल के आधार पर सामग्री की आपूर्ति करता है।और इस पूरे प्रकरण में सेम्पल पर आधारित दुकानदार को हर एक ऑर्डर पर अच्छा कमीशन मिलता है।सेम्पल पर आधारित टाइल्स का बिजनेस शुरू करने के लिए, लगभग 3 से 5 लाख रुपए तक की निवेश पूंजी चाहिए।इसके साथ साथ एक दुकान भी चाहिए जिस का वर्ग क्षेत्रफल करीब 300 वर्ग फीट हो।

  2. स्टॉक पर आधारित व्यापार–  
    स्टॉक पर आधारित टाइल्स के बिजनेस को सेम्पल पर आधारित टाइल बिजनेस (tiles business) की अपेक्षा अधिक निवेश और पूंजी की आवश्यकता पड़ती है। क्योंकि इस प्रकार के व्यापार में दुकानदार को टाइल्स के सेम्पल के साथ-साथ टाइल्स का स्टॉक भी रखना पडता है। जिसके लिए गोदाम की आवश्यकता होती है।इस व्यापार का लाभ सीधे दुकानदार के पास रहता है इसमें किसी को कोई कमीशन नही मिलता।स्टॉक पर आधारित टाइल्स के बिजनेस के लिए दुकानदार को कम से कम लगभग 20 लाख से 30 लाख रुपये तक की पूंजी चाहिए। साथ ही साथ कम से कम दकान अथवा शोरूम का वर्ग क्षेत्रफल 300 वर्ग फीट होना चाहिए। और टाइल्स के गोदाम का वर्ग क्षेत्रफल कम से कम 1500 वर्ग फीट होनी चाहिए।

  3. थोक व्यापार पर आधारित टाइल्स का बिजनेस
    थोक व्यापार पर आधारित टाइल्स का बिजनेस लगभग स्टॉक पर आधारित व्यापार की तरह ही है बस अंतर इतना यह है कि थोक व्यापार पर आधारित टाइल्स बिक्री करने वाले व्यापारी प्रत्यक्ष रूप से ग्राहक के संपर्क में नही आते जिस तरह से स्टॉक पर आधारित व्यापार करने वाले व्यापारी और सेम्पल पर आधारित बिजनेस करने वाले व्यापारी आते है। थोक व्यापार पर आधारित टाइल्स का बिजनेस करने वाले व्यापारी सेम्पल पर आधारित बिजनेस करने वाले व्यापारी को और स्टॉक पर आधारित व्यापार करने वाले व्यापारी को विभिन्न प्रकार के डिजाइन व मैटेरियल के टाइल्स उपलब्ध करवाते है। इस प्रकार के बिजनेस में लाभ कमाने के लिए बाजार में उपलब्ध सभी टाइल्स खुदरा विक्रेताओ से अच्छे संपर्क होने चाहिए। थोक व्यापार पर आधारित टाइल्स का बिजनेस करने वाले व्यापारी को शुरूआती पूंजी का निवेश लगभग न 40 लाख से 75 लाख रुपये का पड़ जाता है। यह राशि पूरी तरह से आप कितना स्टॉक खरीदने जा रहे हैं इस बात पर निर्भर करती है।करीब करीब इस दुकान व स्टोर के गोदाम का वर्ग क्षेत्रफल 2000वर्ग फीट होना चाहिए। इसके लिए कोई बड़े शोरूम की जरूरत नही लगती।

टाइल्स के बिजनेस में लाभ | Benefits of Tiles Business

सेम्पल पर आधारित टाइल्स बिजनेस में लगभग 6% से लेकर10% के लाभ का मार्जिन आने की पूरी संभावना होती है।

स्टॉक पर आधारित टाइल्स बिजनेस में करीब करीब 10% से लेकर 15% के लाभ का मार्जिन आने की उम्मीद की जा सकती है।

थोक टाइल्स के बिजनेस में करीब करीब 10% से ऊपर ही लाभ के मार्जिन की संभावनाए अधिक हैं। क्योकि थोक टाइल्स के बिजनेस में खुदरा व्यापारी काफी मात्रा मे मतलब थोक के रूप में ऑर्डर देते हैं।इसलिए इनको लाभ सबसे अधिक होता है।

टाइल्स के बिजनेस का लाइसेंस अथवा परमिट | License and Permit

भारत देश में टाइल्स के बिजनेस की शुरुआत करने के लिए कोई विशेष प्रकार की लाइसेंस व परमिट की आवश्यकता नहीं होती है। जीएसटी का एक प्रमाण पत्र और दुकान का राज्य सरकार के द्वारा रजिस्ट्रेशन (स्थापना पंजीकरण ) की आवश्यकता होती है।इन सभी प्रमाण पत्रो के मिल जाने के बाद आप टाइल्स के बिजनेस के लिए बिल्कुल तैयार है।

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