सतपुड़ा की रानी : पंचमढ़ी | Pachmarhi : “Queen of Satpura”

Pachmarhi भारत के मध्य प्रदेश राज्य के होशंगाबाद जिले मे स्थित है। यह स्थान चारो तरफ से सतपुड़ा के घने जंगल से घिरा हुआ है। पंचमढ़ी का तापमान सर्दियो मे 5°और गर्मियो मे 35° से ऊपर नही जाता। अगर किसी को प्राकृतिक दृश्य के सौंदर्य का लुत्फ उठाना हो और साहसिक कार्य मे रूचि हो तो उसे पंचमढ़ी जरूर जाना चाहिए।

पंचमढ़ी मे घूमने के कई स्थल है | Places to visit in Pachmarhi

  1. पांडव गुफा- पुरातत्व विभाग का मानना है कि यह गुफा गुप्त काल की है। इसे बौद्ध भिक्षुओ ने बनवाया था। इसमे पाँच गुफा है जो महाभारत काल की है। इस मे से द्रौपदी कोठरी और भीम कोठरी प्रमुख है।
    Pandav Gufa
  2. जटाशंकर गुफा- इस गुफा के अंदर भगवान शिव की प्रतिमा है और साथ ही मे भगवान हनुमान की। इस गुफा मे जाने के लिए पैदल पर्वतो के रास्ते जाना पड़ता है। इसके पास ही मे हार्पर गुफा भी है।
    JataSankar Gufa
  3. रजत प्रपात- इस जलप्रपात का ऊपर से गिरता हुआ पानी बिल्कुल दूधिया चाँद की तरह दिखाई देता है। इस जलप्रपात की ऊँचाई 350 फुट है।
    Rajat Pratap
  4. बी फाॅल (जमुना प्रपात) – बी फाॅल को जमुना प्रपात भी कहते है। यह एक छोटा सा जलप्रपात है। यहाँ पर लोग पिकनिक मनाने के लिए आते है।
    Jamuna Pratap
  5. हांडी खोह- इस खोह के संदर्भ मे कहा जाता है कि भगवान शिव ने एक बड़े राक्षस रूपी सर्प को चट्टान के नीचे दबाकर रखा था। इस खोह के चारो तरफ घनी जंगल है। यह खाई पंचमढ़ी की सबसे गहरी खाई है।यह 300फीट गहरी है। इस लिए इसे अंधी खोह भी कहते है। पास मे पानी का झरना भी बहता है।
    Handi Khoa
  6. अप्सरा विहार- यह विहार एक तालाब जैसा है जिसमे लोग नहा और तैर सकते है।
    Apsara Vihar
  7. प्रियदर्शिनी प्वाइंट- यह ऐसा प्वाइंट है जहाँ से तीन पहाड़ियो के शिखर को देखा जा सकता है। बायीं तरफ चौरादेव, बीच में महादेव तथा दायीं ओर धूपगढ़ दिखाई देते हैं। इनमें धूपगढ़ सबसे ऊँची चोटी है।यहाँ का सूर्यास्त का दृश्य अद्वितीय होता है।
  8. राजेंद्र गिरी- सन 1953 में डॉ॰ राजेंद्र प्रसाद स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के लिए यहाँ आकर रुके थे और उनके लिए यहाँ रविशंकर भवन बनवाया गया था।इस लिए इसे राजेंद्र गिरी कहते है।इस भवन के चहुंओर प्राकृतिक छटा बिखरी पड़ी है।
    Rajendra Giri
  9. सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान – यह उधान 1981 में बनाया गया था। इसका क्षेत्रफल 524 वर्ग किमी. है। यह उधान प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। यहाँ दिन या रात में रुकने के लिए उद्यान के निदेशक से अनुमति लेना पड़ती है।
    Satpura National Park

इसके अलावा यहाँ चौरागढ़ का मंदिर, सुंदर कुंड, रीछागढ़, धूपगढ़, डोरोथी डीप रॉक शेल्टर, जलावतरण,  इरन ताल, महादेव, सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान है। इसके अलावा यहाँ कैथोलिक चर्च और क्राइस्ट चर्च भी हैं।

पंचमढ़ी कैसे जाये | How to reach Pachmarhi

पचमढ़ी एक लोकप्रिय पर्यटक स्थल होने के कारण यह सड़क, रेल और वायुमार्ग से अच्छे से जुड़ा हुआ है।

रेल: जबलपुर स्टेशन महत्वपूर्ण है। यह पिपरिया स्टेशन से जुड़ा हुआ है। जो पंचमढ़ी का निकटस्थ स्टेशन है।

सड़क: पचमढ़ी मध्य प्रदेश राज्य के सभी अंतः मार्ग से जुड़ा हुआ है। भोपाल, नागपुर, होशंगाबाद, तथा पिपरिया से सीधा जुड़ा है। पिपरिया से टैक्सी भी उपलब्ध रहती हैं।

हवाई मार्ग: इस का निकटस्थ हवाई अड्डा भोपाल हवाई अड्डा है जो दिल्ली, इंदौर और जबलपुर से जुड़ा है।

पंचमढ़ी मध्य प्रदेश राज्य का बहुत ही सुंदर हील स्टेशन हैI यह चारो तरफ से पर्वत, जंगल और झरनो से घिरा हुआ है। कभी कभी यहां पर घूमते हुए जंगली जानवर जैसे  तेंदुआ, गौर, भालू, आदि देखने को मिल जाते है। यहां पर घूमने के लिए जीप या फिर दो पहिया वाहन भी आराम से मिल जाते हैं।

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