मेंहदीपुर बालाजी | Mehandipur Balaji: A Complete Guide to Temple 

Mehandipur Balaji का मंदिर राजस्थान राज्य के दौसा जिले में स्थित हैं। यह हनुमान जी का प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर प्रमुख रूप से बुरी शक्तियों जैसे भूत, पिशाच, प्रेत से बचने के लिए है। मान्यता हैं कि जिस भी  व्यक्ति के ऊपर काली छायी और प्रेत बाधा का साया रहता है, उनसे मुक्ति पाने के लिए लोग इस मंदिर में आते हैं। यह मंदिर दो पहाड़ियो के बीच स्थित है।

मेंहदीपुर बालाजी की कथा | Mehandipur Balaji Story

प्राचीन काल मे एक मंहत थे जिनका नाम गणेश था। भगवान बालाजी ने उनके सपनो मे आकर आदेश दिया और कहा हे! मंहत गणेश मेरा एक मंदिर निर्माण करो जिसमे मेरी प्रतिमा के साथ साथ भगवान काल भैरव और माता काली की प्रतिमा की भी स्थापना करना। तब मंहत गणेश ने प्रभु के इच्छानुसार बालाजी की प्रतिमा के साथ साथ काल भैरव और माँ काली की भी प्रतिमा स्थापित करवायी। तब से इसी कुल के मंहत मेंहदीपुर बालाजी की पूजा अनुष्ठान करते आये हैं।

एक अन्य कथा के अनुसार लोग कहते हैं कि  ब्रिटिश शासनकाल के दौरान सन 1910 में बालाजी ने अपना सैकड़ों वर्ष पुराना चोला स्वतः ही त्याग दिया। श्रद्धालु इस चोलें को लेकर निकटस्थ मंडावर रेलवे स्टेशन पहुँचे, जहाँ से उन्हें चोले को गंगा में प्रवाहित करने जाना था। लेकिन स्टेशन मास्टर ने चोले को निःशुल्क ले जाने से रोका और उसका लगेज करने लगा, लेकिन चमत्कारी चोला कभी ज्यादा हो जाता और कभी कम हो जाता। असमंजस में पड़े रेलवे स्टेशन मास्टर को अंततः चोले को बिना लगेज ही जाने देना पड़ा और उसने भी बालाजी के चमत्कार को नमस्कार किया।

मेंहदीपुर बालाजी मंदिर की खासियत

  • मेंहदीपुर  बालाजी की प्रतिमा स्वंय निर्मित है अथार्त् यह एक स्वंयभू  प्रतिमा हैं।
  • हनुमान जी की प्रतिमा के सीने के बांई तरफ एक अत्यन्त सूक्ष्म छिद्र हैं, जिससे पवित्र जल की धारा निरन्तर बहती रहती हैं। यह  पवित्र जल बालाजी के चरणों के नीचे स्थित एक कुण्ड में इकट्ठा होता रहता है जिसे श्रद्धालु चरणामृत के रूप में अपने साथ ले जाते है।
  • Mehandipur Balaji का मंदिर भूतप्रेतादि तथा नकरात्मक और ऊपरी बाधाओं के निवारण के लिये पूरे विश्वभर में प्रसिद्ध है।
  • मेंहदीपुर बालाजी मंदिर मे तीनों देवताओ को प्रसाद अलग अलग चढाना पड़ता है।भगवान बालाजी को लड्डू, माँ काली को चावल और कोतवाल कप्तान भैरव को उड़द दाल का प्रसाद चढ़ाया जाता है।
  • यह मंदिर पूरे भारतवर्ष मे एकमात्र ऐसा मंदिर है जहाँ भूत प्रेत एवं पिशाचो के साथ साथ अन्य सभी तरह की नकारात्मक शक्तियों का अंत बालाजी को भोग मे चढाये हुए लड्डू से हो जाता है।

ऐसा माना और लोगो द्वारा कहा जाता है कि कलियुग में मेंहदीपुर बालाजी ही एक मात्र ऐसे देवता हैं, जो अपने भक्त  को सहज ही अष्टसिद्धी और नवनिधि प्रदान करने के बाद मोक्ष प्रदान कर सकते है। 

मेंहदीपुर बालाजी मंदिर कैसे जाएं | How to reach Mehandipur Balaji

रेल मार्ग मेंहदीपुर बालाजी का सबसे निकटतम रेलवे-स्टेशन बांदीकुई स्टेशन है।यहाँ से मेंहदीपुर बालाजी लगभग 36 किमी दूर है।

सड़क मार्ग -यदि सड़क मार्ग से मेहंदीपुर बालाजी के दर्शनों के लिए जाना हो तो एनएच 352 अथवा  ताज एक्सप्रेस हाइवे या यमुना एक्सप्रेस हाइवे से जाया जा सकता हैं। इस रूट्स से सफर पूरा करने में  करीब करीब 6 घंटे लग जाते हैं।

Other Articles: Salasar balaji (सालासर बालाजी), Churu Rajasthan: Bearded Hanuman Temple

3 thoughts on “मेंहदीपुर बालाजी | Mehandipur Balaji: A Complete Guide to Temple ”

Leave a Comment