मध्यप्रदेश स्थापना दिवस | Madhya Pradesh Sthapna Diwas

1 नवंबर 1956 को मध्यप्रदेश का गठन हुआ था। राज्य पुनर्गठन आयोग ने राजधानी के लिए जबलपुर का नाम सुझाया था, लेकिन भोपाल में बिल्डिंगे ज्यादा थी, जो सरकारी काम के लिए उपयुक्त था।

भोपाल राज्य 18 वीं शताब्दी का भारत का एक स्वतंत्र राज्य था, 1818 से 1947 तक भारत की एक रियासत थी और 1949 से 1956 तक एक भारतीय राज्य था, इसकी राजधानी भोपाल शहर था।

मध्यप्रदेश के अस्तित्व का सच

26 जनवरी, 1950 को संविधान लागू हुआ, इसके बाद सन् 1951-1952 में देश में पहले आम चुनाव कराए गए। जिसके कारण संसद एवं विधान मण्डल कार्यशील हुए। प्रशासन की दृष्टि से इन्हें श्रेणियों में विभाजित किया गया। सन् 1956 में राज्यों के पुनर्गठन से 1 नवंबर, 1956 को नए राज्य के रूप में मध्यप्रदेश का निर्माण हुआ।

पुनर्गठन भाषीय आधार पर किया गया था। इसके घटक राज्य मध्यप्रदेश, मध्य भारत, विन्ध्य प्रदेश एवं भोपाल थे जिनकी अपनी विधानसभाएं थीं। इस राज्य का निर्माण तत्कालीन सीपी एंड बरार, मध्य भारत, विंध्यप्रदेश और भोपाल राज्य को मिलाकर हुआ। इसे पहले मध्य भारत के नाम से भी जाना जाता था।

मध्यप्रदेश 1 नवंबर, 2000 तक क्षेत्रफल के आधार पर भारत का सबसे बड़ा राज्य था। इस दिन मध्यप्रदेश राज्य से 16 जिले अलग कर छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना हुई थी। मध्यप्रदेश की सीमाएँ 5 राज्यों की सीमाओं से मिलती है।

चंद्रगुप्त मौर्य ने उत्तरी भारत को एकजुट किया। कहा जाता है कि राजा अशोक की पत्नी आज के भोपाल के उत्तर में एक शहर विदिशा से आई थी। खनिज संसाधनों से समृद्ध, मध्यप्रदेश हीरे और तांबे का सबसे बड़ा भंडार है। अपने क्षेत्र की 30% से अधिक वन क्षेत्र के अधीन है।

इसके पर्यटन उद्योग में काफी वृद्धि हुई है। राज्य ने वर्ष 2010-11 के लिये राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार जीता था। मध्यप्रदेश में 21 नदियां बहती हैं। ताप्ती, सोन, बेतवा, क्षिप्रा, नर्मदा, चंबल, टोंस, केन, माही, बेनगंगा, तवा, सिंध, कालीसिंध छोटी तवा, गार, शक्कर, वर्धा, पार्वती, कुंवारी, कुनू, धसान समेत कुल 21 नदियां हैं।

मध्यप्रदेश में कई भाषाएं बोली जाती हैं। तेलुगू, मराठी, गोंडी, कोरकु, निहाली प्रमुख भाषाएं हैं। मध्यप्रदेश की आधिकारिक भाषा हिंदी है। मध्यप्रदेश में कुल 52 जिले आते हैं।

सबसे बड़ा जिला क्षेत्रफल की दृष्टि से छिंदवाडा है, जबकि सबसे बड़ा और स्वच्छ शहर इंदौर है। मध्यप्रदेश के धार्मिक त्यौहारों में दशहरा, दिवाली, ईद, जैन और क्रिसमस शामिल हैं। आदिवासी मडई, भगोरिया और करबा पर्व मनाते हैं। झाबुआ में दुनिया भगोरिया हाट, खजुराहो का नृत्य समारोह, ग्वालियर का तानसेन समारोह, मडई त्यौहार शामिल हैं।

मध्यप्रदेश की स्थापना

राज्य की स्थापना 1724 में अफगान सरदार दोस्त मोहम्मद खान ने की थी, जो कि मंगलगढ़ में तैनात मुगल सेना में एक कमांडर था, जो कि भोपाल के आधुनिक शहर के उत्तर में स्थित है। मुगल साम्राज्य के विघटन का लाभ उठाते हुए, उन्होंने मंगलगढ़ और बेरसिया की शुरुआत की। अंतिम गोंड रानी की मृत्यु के बाद, दोस्त मोहम्मद खान ने अपना मौका लिया और छोटे गोंड साम्राज्य को जब्त कर लिया। जगदीशपुर में अपनी राजधानी भोपाल से 10 किमी दूर स्थापित की।

उन्होंने अपनी राजधानी का नाम इस्लामनगर रखा, जिसका अर्थ इस्लाम शहर है। उन्होंने इस्लामनगर में एक छोटा किला और कुछ महल बनवाए, जिनके खंडहर आज भी देखे जा सकते हैं। कुछ वर्षों के बाद, उन्होंने ऊपरी झील के उत्तरी किनारे पर स्थित एक बड़ा किला बनाया। उन्होंने इस नए किले का नाम फतेहगढ़ रखा। बाद में राजधानी को वर्तमान शहर भोपाल में स्थानांतरित कर दिया गया।

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस को लेकर प्रदेश भर में अलग-अलग तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 1 नवंबर यानी वह दिन जब मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस मनाया जाता है, इस दिन प्रदेश भर में अलग-अलग तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

साल 1956 में राज्यों का पुनर्गठन होने पर 1 नवंबर 1956 को नया राज्य मध्यप्रदेश अस्तित्व में आया था। वहीं इसके बाद 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ का गठन किया गया था, तभी से ही 1 नवंबर के दिन को मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस के रुप में मनाया जाता है। प्रदेश भर में अलग-अलग तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

छत्तीसगढ़ के शामिल रहते देश का सबसे बड़ा राज्य मध्यप्रदेश था, नवंबर 2000 में मध्यप्रदेश पुनर्गठन एक्ट के तहत राज्य के दक्षिण पूर्व विभाग को विभाजित कर छत्तीसगढ़ राज्य बनाया गया था। राज्यों का पुनर्गठन होने पर 1 नवंबर 1956 को मध्यप्रदेश अस्तित्व में आया था, सबसे पहले जबलपुर को राज्य की राजधानी बनाया गया था, लेकिन बाद में राज्य की राजधानी को बदलकर भोपाल कर दिया गया था। मध्यप्रदेश राज्य का इतिहास बेहद ही पुराना है। जहां देश के मध्य में होने के कारण इसका नाम मध्यप्रदेश पड़ा।

विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश

जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता चला जा रहा है, वैसे-वैसे मध्यप्रदेश भी विकास की रफ्तार पकड़ता चला जा रहा है। मध्यप्रदेश में अब शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग से जुड़ी अपार संभावनाएं नजर आ रही है। मध्यप्रदेश अपने प्राकृतिक संसाधनों और सुंदरता के लिए देश भर में प्रसिद्ध है। मध्यप्रदेश के धार्मिक और ऐतिहासिक वैभव की चर्चा भी देश से लेकर दुनिया तक होती है।

Other Famous Articles:
झीलो का शहर: भोपाल | Bhopal: City of Lakes

Leave a Comment