कामखेड़ा बालाजी मंदिर | Kamkheda Balaji Mandir: संपूर्ण जानकारी

राजस्थान राज्य के झालवाड़ जिले के अकलेरा कस्बे से लगभग 15 किमी दूर अकलेरा-मनोहर थाना मार्ग पर Kamkheda Balaji का मंदिर स्थित हैं। ऐसा कहा जाता है कि भगवान बालाजी (हनुमान) स्वयं भूत प्रेत और बुरी नकरात्मक शक्तियो के लिए अदालत लगाते है और सजा भी सुनिश्चित करते हैं। प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को इस मंदिर मे भगवान बालाजी की विशेष अदालत लगती हैं। और भगवान बालाजी नकरात्मक शक्तियों एवं भूत प्रेत से मुक्ति दिलाते हैं। इस मंदिर मे नकरात्मक बुरी शक्तियों, भूत- प्रेत और पिशाचों से मुक्त होने के लिए देश के कोने कोने से श्रद्धालुगण आते हैं। मुख्य रूप से यहाँ गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश राज्य से लोग आते हैं।

कामखेड़ा बालाजी मंदिर की खासियत | Importance and Features

  • कामखेड़ा बालाजी मंदिर की प्रमुख विशेषता यह है कि यहाँ स्वंय भगवान बालाजी (हनुमान) नकरात्मक बुरी शक्तियों, भूत- प्रेत और पिशाचों की अदालत लगाकर सुनवाई करते है और सजा सुनाते हैं।
  • Kamkheda Balaji मंदिर में आने वाले भक्तों की जब मन्नते पूरी हो जाती हैं तब यहाँ पहले गुप्त देवी और प्रेतराज के दर्शन करने होते हैं। तब इसके बाद ही उन्हें बालाजी महाराज के मन्दिर में दर्शन के लिए प्रवेश मिलता है।
  • कामखेड़ा बालाजी के प्रतिमा के पास ही एक जल का छोटा सा कुण्ड है जिसमे 12 महीने पानी भरा रहता है। 
  • Kamkheda Balaji मंदिर के बारे में मान्यता है कि विवाह के बाद पति-पत्नी यहां रामायण पाठ कराते हैं, ताकि उनके वैवाहिक और पारिवारिक जीवन में आने वाली सारी बाधाएं पहले से ही खत्म हो जाएं।
  • बालाजी मंदिर मे कमजोर दिल वाले लोग नही आते है क्योकि यहां मंदिर में चहुंओर प्रेतबाधाओं से पीड़ित लोग चिल्ला-चिल्लाकर अपनी कहानी बोलते नजर आते हैं। जिन्हें देख कर रूह तक कांप जाती हैं।
  • Kamkheda Balaji मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि प्रेतबाधा से पीड़ित व्यक्ति यहां से ठीक होकर ही वापस लौटता है।
  • मंदिर में दूर जगह से आने वाले लोगो के लिए लगभग 110 कमरे हैंं।इन कमरो में श्रद्धालुगण के लिए बिस्तर के साथ-साथ रसोई घर और पार्किंग की भी सुविधाएं उपलब्ध की गई हैं। साथ ही साथ यहां नाम मात्र के शुल्क में भक्तो के लिए खाने की भी व्यवस्था उपलब्ध करायी जाती हैं।
  • Kamkheda Balaji मंदिर की आरती की एक विशेषता यह है कि यहाँ संध्या के समय होने वाली आरती में भूत-प्रेतों पिशाचों की हाजरी होती है।

कामखेड़ा बालाजी मंदिर | Kamkheda Balaji Mandir Facts

कामखेड़ा के मंदिर मे भगवान हनुमान को चना और गुड़ का प्रसाद के रूप मे भोग लगता है। ऐसा माना जाता है कि चना और गुड़ के प्रसाद का भोग लगाने से भगवान शनिदेव का प्रकोप जैसे इनकी साढ़ेसाती और ढैया समाप्त हो जाते है। यहां पर वह लोग व भक्त गण भी आते है जिनके नौ ग्रह से संबंधित समस्या है। कहा जाता है कि इस तरह की समस्याओं के समाधान के लिए ही यह दरबार स्वयं भगवान बालाजी लगाते है।

कामखेड़ा बालाजी मंदिर मे सभी प्रकार के ग्रहों की पीड़ा से निजात मिलता है। यहां भगवान हनुमान जी को चना और गुड़ के साथ साथ चमेली का तेल, मिश्री और मावा भी प्रसाद /भोग के रूप में बजरंगबली को चढाया जाता है।लोगो का मानना है कि इस भोग से भगवान हनुमान जल्दी ही खुश हो जाते है और भक्तो की गुहार जल्दी सुन लेते है। कामखेड़ा मंदिर को झालावाड़ जिले का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल मे से एक माना जाता है।

कामखेड़ा बालाजी मंदिर कैसे पहुंचे | How to reach Kamkheda Balaji

सड़क मार्ग- झालावाड राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 12 जयपुर-जबलपुर के बीच में स्थित है। झालवाड़ जिले से मंदिर महज 15 किमी की दूरी पर हैं। यहां से बस अथवा निजी वाहनों से मंदिर जाया जा सकता है।

वायु मार्ग कामखेड़ा मंदिर का निकटतम एयरपोर्ट कोटा विमानक्षेत्र है। यह झालवाड़ जिले से 87 किलोमीटर दूर स्थित है।

रेल मार्ग- कामखेड़ा मंदिर जाने के लिए निकटस्थ रेलवे स्टेशन झालावाड़ सिटी एवं झालरापाटन रेलवे स्टेशन है।

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