जवाहर नवोदय विधालय | JNV- Mission and all about Navodaya Vidyalaya

स्थापना | Establishment of JNV

JNV-नई नीति 1986 के अंतर्गत जवाहर नवोदय विधालय का प्रारंभ हुआ। केन्द्रीय सरकार की नीति के अनुसार राज्य के प्रत्येक जिले मे जवाहर नवोदय विधालय खोलना था। सर्वप्रथम जवाहर नवोदय विधालय हरियाणा राज्य के झज्जर जिले मे और महाराष्ट्र राज्य के अमरावती जिले मे 1985-86 मे खोला गया।पहले यह विधालय प्रयोग के उद्देश्य से खोले गए थे। लेकिन वर्तमान समय मे इन विधालयो की संख्या 661 हो गई है। और कुछ विधालय अभी निर्माणाधीन है। जवाहर नवोदय विद्यालय भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा चलाई जाने वाली पूरी तरह से आवासीय और सह शिक्षा वाला स्कूल है। यह विधालय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली से संबन्धित है अथवा मान्यता प्राप्त है।

जवाहर नवोदय विधालय का मिशन

  • JNV मे मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों को उनके परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर ध्यान दिए बिना बच्चो को गुणात्मक, आधुनिक शिक्षा प्रदान करता है जिसमें सामाजिक मूल्यों, पर्यावरण के प्रति जागरूकता, साहसिक कार्यकलाप और शारीरिक शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण घटकों का समावेश होता है।
  • जवाहर नवोदय विधालय देश भर में एक उपयुक्त स्तर पर एक समान माध्यम अर्थात् अंग्रेजी एवं हिन्दी में शिक्षण की सुविधाएं प्रदान करता है।
  • जवाहर नवोदय विद्यालय सभी विद्यालयों के स्तर में तुलनात्मकता सुनिश्चित करने मे और हमारी मिली-जुली संस्कृति एवं परम्पराओं को समझने में सुविधा हो इसके लिए मूल-पाठ्यचर्या प्रदान करता है।
  • यह विद्यालय देश की राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने और सामाजिक भावना की समृद्धि के लिए माइग्रेशन योजना अपनाकर स्कूल के विद्यार्थियों को देश के एक भाग से दूसरे भाग में ले जाता है।।
  • यह विद्यालय वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप अध्यापकों को प्रशिक्षित करता है और अनुभवो और सुविधाओं के परस्पर आदान-प्रदान द्वारा स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एक केन्द्र बिन्दु के रूप में कार्य करता है।

जवाहर नवोदय विधालय की विशेषताऐ

  • जवाहर नवोदय विद्यालय विद्यार्थियों को योग्यता परीक्षा के आधार पर चुनते हैं जिसे जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा कहा जाता है। इस चयन परीक्षा का आयोजन ,विकास और रचना पहले राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के द्वारा किया जाता था,लेकिन अब इन परीक्षाओं का आयोजन केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा किया जाता है। यह परीक्षा प्रत्येक वर्ष अखिल भारतीय स्तर पर और जिला तथा ब्लॉक स्तर पर आयोजित की जाती है। यह परीक्षा विषयपरक एवं वर्ग-तटस्थ होती है जो यह सुनिश्चित करती है कि ग्रामीण बच्चों को कोई असुविधा न हो।
  • प्रत्येक नवोदय विद्यालय एक सह-शैक्षणिक आवासीय संस्थान है ।यह छात्रों को मुफ्त बोर्डिंग और लॉजिंग, मुफ्त स्कूल यूनिफॉर्म, पाठ्य पुस्तकें, स्टेशनरी, और फ्रो रेल और बस किराया प्रदान करता है।
  • जवाहर नवोदय विद्यालयों में प्रमुख रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को प्राथमिकता दी जाती है। 75 प्रतिशत सीटों पर ग्रामीण बच्चों को प्रवेश देने का प्रावधान है। अनुसूचित जाति और जनजाति के बच्चों के लिए जिले में उनकी जनसंख्या के अनुपात में स्थान आरक्षित रखे जाते हैं, परन्तु यह आरक्षण राष्ट्रीय औसत से कम नहीं होना चाहिए। कुल सीटों का एक तिहाई बालिकाओं के लिए और तीन प्रतिशत विकलांग बच्चों के लिए आरक्षित है।
  • जवाहर नवोदय विद्यालय  में  पढाई त्रिभाषा सूत्र मे कराई जाती है। त्रिभाषा-सूत्र का अर्थ क्षेत्रीय भाषा, हिन्दी और अंग्रेजी के शिक्षण का पालन होता है।
  • जवाहर नवोदय विधालय मे कक्षा-7 या कक्षा-8 तक शिक्षा का माध्यम मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा मे होता है। इसके बाद सभी नवोदय विद्यालयों में शिक्षा का एक समान माध्यम हिन्दी/अंग्रेजी रहता है।
  • जवाहर नवोदय विद्यालयों का एक उद्देश्य देश की एकता और अंखडता के बारे मे बच्चो को रुबरू करना भी है। इसी लिए कक्षा-9 में एक बार शैक्षणिक वर्ष के लिए एक बार हिन्दी और हिन्दीतर भाषी क्षेत्रों के बीच विद्यार्थियों का अंतर-क्षेत्रीय प्रवसन किया जाता है।
  • जवाहर नवोदय विद्यालयों को देश भर के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किया जाता है। राज्य सरकार को नवोदय विद्यालय स्थापित करने के लिए निःशुल्क भूमि और किरायामुक्त अस्थायी भवन उपलब्ध कराती हैं।

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