Jalpa Mata Mandir | जालपा (ज्वाला) माता मंदिर, Rajgarh MP

जालपा माता (Jalpa mata mandir) जी मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में स्थित सिद्धपीठ है, जो की राजगढ़ शहर से लगभग 4 KM दूर एक पहाड़ी (खिलचीपुर रोड पर) पर विराजमान है।

जालपा माता का नाम

Jalpa Mata पहले ज्वाला देवी नाम से विख्यात थी जो की वर्तमान समय में हिमाचल प्रदेश स्थित जालपा माता के नाम पर परिवर्तित हो गया।

जालपा माता जी का इतिहास / जालपा माता की कहानी

कहा जाता है की जालपा माता (ज्वाला माता देवी) की मूर्ति राजगढ़ स्थित  पहाड़ी पर स्वयं प्रकट हुई थी। इस मूर्ति की स्थापना 600 शताब्दी में यह के भील राजाओ द्वारा एक चबूतरे के रूप में की गयी थी। एक और कहानी प्रचलित है की माता की यह मंदिर 600-700 वर्ष पुराना है और यह कहा जाता है की यह कोई दरबार शिकार करने आये थे तो उनको यह पेड़ के नीचे लाल रंग का पत्थर दिखाई दिया। जब उसे निकाला तो पता चला की यह तो माता जी की मूर्ति है।

माता को विराजमान करने के लिए दरबार ने माता की छतरी बनाने की कोशिश की परन्तु नहीं बन पायी  तो माता ने दरबार को स्वप्न में आकर कहा की में मंदिर यह महल में रहती हू। तब राजा ने माता के भव्य मंदिर का निर्माण कराया। 

वर्त्तमान समय में माता के मंदिर के लिए एक ट्रस्ट बनाया गया है जो वह की सारी व्यवस्ता देखता है।

माता की पहाड़ी से दिखता है प्रकति का मनोहर दृश्य

जालपा माता का मंदिर (Jalpa mata mandir) राजगढ़ शहर से 4 KM दूर खिलचीपुर रोड पर एक पहाड़ी पर स्तिथ है। 

पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए रोड बनाया गया है, जिससे अपने वाहन के द्वारा जाया जा सकता है।  इसके अलावा पैदल यात्रा हेतु सीढीया भी बनायीं गयी है। पहाड़ी पर पहुंचने के पश्चात् माता का मंदिर आता है जो भव्य बना हुआ है। 

माता के मंदिर के पीछे माता के कई अवशेष भी रखे है।  पहाड़ी से राजगढ़ शहर का नज़ारा बहुत ही सुन्दर दिखाई देता है।  इस पहाड़ी से प्रकृति का अलग ही नज़ारा देखने को मिलता है।  यह विभिन प्रकार की वनष्पतिया, पेड़, पौधे देखे जा सकते है। 

वैवाहिक महूर्त पाती रखकर

माता जालपा के यह की मान्यता है की जिन किसी जोड़ो के लिए विवाह का मुहर्त नहीं निकलता है तो वे लोग माता के मंदिर में पाती रखकर विवाह सम्पन कर सकते है। विवाह के बाद माता के मंदिर में वर और वधु दोनों आशीर्वाद लेने आते है।

सभी मनोकामनाएं होती है पूर्ण

माता के दरबार में आने वाले सभी लोगो की मनोकामनाये माता पूर्ण करती है।  कई लोग जिनके घर नहीं है वे लोग माता की इस पहाड़ी पर पत्थर के घर की आकृति बनाते है जिससे उनकी मनोकामना पूर्ण होती है। 

जिन लोगो के संतान नहीं होती है वे लोग भी माता के मंदिर में गोबर का स्वास्तिक बनाते है, जिससे उनको संतान की प्राप्ति होती है।

जालपा माता मंदिर में दर्शन का समय

  • सोमवार : प्रातः 6 बजे से शाम 8 बजे तक
  • मंगलवार : प्रातः 6 बजे से शाम 8 बजे तक
  • बुधवार : प्रातः 6 बजे से शाम 8 बजे तक
  • गुरुवार : प्रातः 6 बजे से शाम 8 बजे तक
  • शुक्रवार : प्रातः 6 बजे से शाम 8 बजे तक
  • शनिवार : प्रातः 6 बजे से शाम 8 बजे तक
  • रविवार : प्रातः 6 बजे से शाम 8 बजे तक

जालपा माता मंदिर राजगढ़ कैसे पहुंचे

  • सड़क मार्ग : ब्यावरा से 25 किलोमीटर ,खुजनेर से 34 किलोमीटर , जीरापुर से 34 किलोमीटर बस ,कार या बाइक से जा सकते है।
  • रेल मार्ग : ब्यावरा रेलवे जंक्शन से २५ किलोमीटर बस ,कार या बाइक से ।
  • हवाई मार्ग: भोपाल के राजा भोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से राजगढ़ हेतु बस या कार से 140 किलोमीटर ।

Other Famous Articles:
1. Mohanpura Dam (मोहनपुरा डैम) Rajgarh- A Irrigation Project of MP

Disclaimer : इस पोस्ट में दी गई समस्त जानकारी हमारी स्वयं की रिसर्च द्वारा एकत्रित की गए है, इसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि हो, किसी की भावना को ठेस पहुंचे ऐसा कंटेंट मिला हो, कोई सुझाव हो, Copyright सम्बन्धी कोई कंटेंट या कोई अनैतिक शब्द प्राप्त होते है, तो आप हमें हमारी Email Id: (contact@kalpanaye.in) पर संपर्क कर सकते है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *