बड़ा गणपति मंदिर इंदौर : एशिया की सबसे बड़ी प्रतिमा | Bada Ganpati Indore

भगवान् गणेश जो कि सभी देवताओं में सर्वप्रथम पूजे जाने वाले देवता है। भगवान गणपति कि सबसे बड़ी 25 फ़ीट ऊँची एवं 14 फ़ीट चौड़ी प्रतिमा मध्यप्रदेश  के इंदौर शहर में स्थित है।  जिसे बड़ा गणपति (Bada Ganpati Indore) के नाम से जाना जाता है बड़ा गणपति को चिंताहरण गणेश के नाम से भी पहचाना जाता है।  

बड़ा गणपति मंदिर का इतिहास | History of Bada Ganpati Indore

कहा जाता है कि भगवान् गणेश ने उनके एक परम भक्त अवंतिका (उज्जैन) निवासी पंडित नारायण दाधीच को बाल्यकाल में स्वप्न दिया था, स्वप्न में गजानन का एक विशाल स्वरुप था। पंडित नारायण दाधीच जी ने बचपन में स्वप्न देखा था ,उस स्वप्न को पूरा युवावस्था में किया। 17 जनवरी 1901 में 3 वर्षों के परिश्रम के बाद पंडित जी ने स्वप्न में आये स्वरुप को मूर्त रूप दिया।

बड़ा गणेश प्रतिमा का विन्यास एवं निर्माण सामग्री

भगवान गणेश जी की इस विशाल प्रतिमा के निर्माण के लिए अलग-अलग तीर्थों की मिटटी , पवित्र तीर्थों के जल , विभिन्न पशुओं जैसे हाथी , घोड़ा एवं गाय के पैरों के तल की मिट्टी , पंचरत्न (हीरा ,पन्ना ,मोती , माणिक एवं पुखराज), अष्टधातु ( सोना, चांदी, तांबा, सीसा, जस्ता, टिन, लोहा और पारा) के साथ साथ चूना ,बालू , गुड़ और मैथीदाना के मिश्रण का भी उपयोग किया गया है।

बड़ा गणपति की इस प्रतिमा के निर्माण में लगभग 3 वर्षों का समय लगा था। इस मूर्ति की ऊंचाई 25 फ़ीट एवं चौड़ाई 14 फ़ीट है।

बताया जाता है कि भगवान् गणेश की इस प्रतिमा में भगवान् के मुख के लिए सोना एवं चांदी तथा कान ,हाथ एवं पांव के लिए लोहा धातु का उपयोग किया गया था।  

एशिया की सबसे ऊँची गणेश प्रतिमा

भगवान गणेश की यह प्रतिमा भारत की ही नहीं अपितु पुरे एशिया महाद्वीप की सबसे ऊँची प्रतिमा है। इसी कारन इसे बड़ा गणपति के नाम से जाना जाता है। इस मूर्ति का विन्यास इस तरह है :-
                  मूर्ति की ऊंचाई -25 फिट
                  मूर्ति की चौड़ाई -14 फिट

चौला एवं श्रृंगार

बड़ा गणपति के चौला या श्रृंगार में लगभग 15 दिनों का समय लगता है।  मंदिर के पंडित दाधीच जी से पता चला कि यह विश्व कि एक मात्र मूर्ति है जिसपर सवा मन घी और सिन्दूर का श्रृंगार होता है।

कहा जाता है कि बड़ा गणपति जी को यह चौला /श्रृंगार वर्ष में 4 बार किया जाता है।

  1. भाद्रपद सुदी चतुर्थी
  2. कार्तिक बदी चतुर्थी
  3. माघ बदी चतुर्थी
  4. वैशाख सुदी चतुर्थी

इस तरह बड़े गणपति जी का  चौला /श्रृंगार एक वर्ष में चार तिथियों को किया जाता है।

गणेश चतुर्थी कि विशेष आरती

बड़ा गणपति जी (Bada Ganpati Indore) को गणेश चतुर्थी के अवसर पर अलग ही तरह से फूलों से सजाया जाता है एवं पूरे मंदिर कोभी अलग अलग तरह के पूलों और पत्तों से सजाया जाता है। भगवान बड़ा गणपति को अलग अलग तरह के मिष्ठान का भोग लगाया जाता है और उनके पसंदीदा  मोतीचूर के लड्डुओं का भी भोग लगाया जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन लोग बड़ी मात्रा में बड़ा गणपति के दर्शन को आते है और आरती का लुफ्त उठाते है। कहा जाता ही को भगवान् बड़ा गणपति से जो भी मनोकामना मंगते है वो पूरी हो जाती है इसीलिए भगवान् गणेश को इच्छापूर्ति गणेश भी कहा जाता है।

बड़ा गणपति आरती समय :

  • जन्म आरती -12 बजे
  • शयन आरती -9 बजे
    ये विशेष आरती का समय है जो गणेश चतुर्थी के दिन होती है।

छोटा गणपति

बड़ा गणपति मंदिर में बड़ा गणपति की मूर्ति के नीचे एक और मूर्ति है जो छोटा गणपति की मूर्ति है। कहा जाता है की यह मूर्ति  बहुत प्राचीन मूर्ति  है , जो लगभग  500 वर्षों पुरानी है जो कि बड़ा गणपति की मूर्ति से काफी प्राचीन है।

बड़ा गणपति मंदिर दर्शन समय | Bada Ganpati Indore Timing

बड़ा गणपति में जाने हेतु कोई  प्रवेश शुल्क नहीं लगती है। यह भक्त जब चाहे तब जा सकता है और भगवान गणेश के दर्शन कर सकता  है। बड़ा गणपति मंदिर खुला रहने का समय इस प्रकार है –

  • प्रातः 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक
  • शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक

बड़ा गणपति मंदिर पहुँच मार्ग | How to reach Bada Ganpati Indore

  • सड़क मार्ग: सरवटे बस स्टैंड से 4 किलोमीटर
  • ट्रेन द्वारा: इंदौर रेलवे स्टेशन से 5 किलोमीटर
  • वायु मार्ग: देवी अहिल्या बाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 4 किलोमीटर  

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